जयपुर . पिछले पांच साल में बढ़ी महंगाई के बावजूद प्रशिक्षु कर्मचारियों का वेतन नहीं बढऩे से कई विभागों में युवाओं का Sarkari Naukri से मोहभंग हो रहा है। हालात ये हैं कि नगरीय निकाय और बिजली कंपनियों को जूनियर इंजीनियर नहीं मिल रहे।
जूनियर इंजीनियर को सरकार दो साल तक 10,000 रु. मासिक एकमुश्त वेतन देती है। विशेषज्ञों की मानें तो इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने पर औसतन 9 लाख रु. का खर्च भी माना जाए और इसके लिए कोई शिक्षा ऋण ले तो करीब 13 प्रतिशत ब्याज दर से 11 हजार रु. मासिक का ब्याज ही बन जाता है।
जूनियर इंजीनियर को सरकार दो साल तक 10,000 रु. मासिक एकमुश्त वेतन देती है। विशेषज्ञों की मानें तो इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने पर औसतन 9 लाख रु. का खर्च भी माना जाए और इसके लिए कोई शिक्षा ऋण ले तो करीब 13 प्रतिशत ब्याज दर से 11 हजार रु. मासिक का ब्याज ही बन जाता है।